शिक्षा कल और आज
शिक्षा और जीवन मानो एक ही गाड़ी के दो पहिये हैं |जैसे गाड़ी के एक पहिये का दुसरे पहिये से जुड़ना ये माना गया हैं की गाडी का संतुलन सही रहेगा, वैसे ही शिक्षा और जीवन का संतुलन हैं | जीवन को सही तरीके से जीने में शिक्षा का बहुत योगदान होता हैं , ये जानके बहुत अच्छा और संतुष्टि होती हैं के शिक्षा के लिए लोगो का जो रुझान था वो अब बड रहा हैं, अब लोग ज्यादा शिक्षित हो रहे हैं, परन्तु इसकी वजह से जो शिक्षा का गोरख धंधा देखने को मिला उसे देख चिंतित हो गया हूँ, लोग शिक्षित तो हुए हैं पर शिक्षा नहीं ले पा रहे | और हाथो में डिग्री और मार्कशीट लिए बेठे हैं | पहले रिजल्ट का परसेंटेज बहुत निम्न रहा करता था, आज रिजल्ट का परसेंटेज बहुत जियादा हो गया हैं, या तो उस टाइम के बच्चे कमजोर थे या फिर आज के बच्चे कुछ जियादा ही एडवांस हैं , परन्तु ऐसा कुछ नहीं हैं | ये सिर्फ सुविधाओ की बातें हैं, पहले इतनी सुविधाए नही थी जो आजके बच्चो के पास हैं | पर सुविधा अपनी जगह और एजुकेशन अपनी जगह हैं, बहुत अजीब सा लग जाता हैं कभी कभी ये देख के जिस बच्चे को अच्छे से लिखना और पड़ना तक नहीं आता, वो आज ग्रेजुएशन कर रहा हैं, क्या ये एजुकेशन सिस्टम सही हैं , यहाँ एक बहुत बड़ा सवाल खड़ा होता हैं इस एजुकेशन सिस्टम पे , के अगर ऐसे ही शिक्षा देनी थी जो की घर घर मार्कशीट बाटी जा रही हैं तो उससे अच्छे तो पहले के रिजल्ट थे जो ये बता दिया करते थे की किसने कितनी राते लगायी हैं इस रिजल्ट के लिए | सच हैं मगर कडवा हैं | सर्व शिक्षा अभियान को लोगो ने शायद कुछ गलत ही ले लिया हैं, सर्व शिक्षा का मतलब ‘ शिक्षा हे सभी के लिए ’ ये नहीं हैं, ‘ अच्छी शिक्षा सभी के लिए ‘ ये हैं , जिस से वो आगे चलकर इस समाज को एक नयी सोच और एक नया आकर दे सके,परन्तु जो आज के हालात हैं उसको देख कर काफी दुःख हो रहा हैं, शिक्षा देने के चक्कर में शिक्षित नही कर पाए हम बच्चो को, क्या कभी सोचा हैं की शिक्षित तो हैं समाज, फिर भी बेरोजगारी क्यों फेली हैं, पहले तो अशिक्षित बेरोजगार थे पर यह विडंबना देखो के अब शिक्षित बेरोजगार बेठे हैं | अब शिक्षित होने के बावजूद लोग बेकार बेठे हैं और गलत रास्ते पे चल पड़े हैं, एक सपना देखा था सर्व शिक्षा अभियान के तहत, पर वो टूट सा गया हैं |
शिक्षा मिली हैं पर सही तरीके से नहीं पहुचा पाए | जिसको हम क्वालिटी एजुकेशन कहते हैं , आज कई स्कूल और कॉलेजों के अंदर क्वालिटी टीचर्स नही मोजूद , जो आने वाली नस्ल को ख़राब कर रहे हैं, कई संस्थाई कम सल्लेरी के टीचर्स को रख कर एजुकेशन सिस्टम को बर्बाद कर रही हैं और अपना भला कर रही हैं , और ये अगर आप अपने आस पास के किसी भी संस्था में जाके देखोगे तो आपको नज़र आजायेगा, एजुकेशन सिस्टम आज के टाइम पे एक बहुत बड़ा बिज़नस बनता चला जा रहा हैं | और इसके शिकार हमारे लोग ही हैं ,और बिज़नस करने वाले भी हम में से एक हैं |
पर ये भी आज एक सवाल बनके खड़ा हो गया हैं की अब इसके लिए क्या करे, नही तो आने वाले टाइम पे और कितना तमाशा लगेगा इस सिस्टम का |
शिक्षा जीवन शेली बना देती हैं, क्या ये सही हैं अगर हैं तो क्या आपने शिक्षा सही तरीके से ली हैं ?
फिर एक सवाल हैं और जवाब हम सभी को मिलके देना हैं \\
धन्यवाद
आपका
अभिनव मालवीय
Education in India
शिक्षा कल और आज
शिक्षा और जीवन मानो एक ही गाड़ी के दो पहिये हैं |जैसे गाड़ी के एक पहिये का दुसरे पहिये से जुड़ना ये माना गया हैं की गाडी का संतुलन सही रहेगा, वैसे ही शिक्षा और जीवन का संतुलन हैं | जीवन को सही तरीके से जीने में शिक्षा का बहुत योगदान होता हैं , ये जानके बहुत अच्छा और संतुष्टि होती हैं के शिक्षा के लिए लोगो का जो रुझान था वो अब बड रहा हैं, अब लोग ज्यादा शिक्षित हो रहे हैं, परन्तु इसकी वजह से जो शिक्षा का गोरख धंधा देखने को मिला उसे देख चिंतित हो गया हूँ, लोग शिक्षित तो हुए हैं पर शिक्षा नहीं ले पा रहे | और हाथो में डिग्री और मार्कशीट लिए बेठे हैं | पहले रिजल्ट का परसेंटेज बहुत निम्न रहा करता था, आज रिजल्ट का परसेंटेज बहुत जियादा हो गया हैं, या तो उस टाइम के बच्चे कमजोर थे या फिर आज के बच्चे कुछ जियादा ही एडवांस हैं , परन्तु ऐसा कुछ नहीं हैं | ये सिर्फ सुविधाओ की बातें हैं, पहले इतनी सुविधाए नही थी जो आजके बच्चो के पास हैं | पर सुविधा अपनी जगह और एजुकेशन अपनी जगह हैं, बहुत अजीब सा लग जाता हैं कभी कभी ये देख के जिस बच्चे को अच्छे से लिखना और पड़ना तक नहीं आता, वो आज ग्रेजुएशन कर रहा हैं, क्या ये एजुकेशन सिस्टम सही हैं , यहाँ एक बहुत बड़ा सवाल खड़ा होता हैं इस एजुकेशन सिस्टम पे , के अगर ऐसे ही शिक्षा देनी थी जो की घर घर मार्कशीट बाटी जा रही हैं तो उससे अच्छे तो पहले के रिजल्ट थे जो ये बता दिया करते थे की किसने कितनी राते लगायी हैं इस रिजल्ट के लिए | सच हैं मगर कडवा हैं | सर्व शिक्षा अभियान को लोगो ने शायद कुछ गलत ही ले लिया हैं, सर्व शिक्षा का मतलब ‘ शिक्षा हे सभी के लिए ’ ये नहीं हैं, ‘ अच्छी शिक्षा सभी के लिए ‘ ये हैं , जिस से वो आगे चलकर इस समाज को एक नयी सोच और एक नया आकर दे सके,परन्तु जो आज के हालात हैं उसको देख कर काफी दुःख हो रहा हैं, शिक्षा देने के चक्कर में शिक्षित नही कर पाए हम बच्चो को, क्या कभी सोचा हैं की शिक्षित तो हैं समाज, फिर भी बेरोजगारी क्यों फेली हैं, पहले तो अशिक्षित बेरोजगार थे पर यह विडंबना देखो के अब शिक्षित बेरोजगार बेठे हैं | अब शिक्षित होने के बावजूद लोग बेकार बेठे हैं और गलत रास्ते पे चल पड़े हैं, एक सपना देखा था सर्व शिक्षा अभियान के तहत, पर वो टूट सा गया हैं |
शिक्षा मिली हैं पर सही तरीके से नहीं पहुचा पाए | जिसको हम क्वालिटी एजुकेशन कहते हैं , आज कई स्कूल और कॉलेजों के अंदर क्वालिटी टीचर्स नही मोजूद , जो आने वाली नस्ल को ख़राब कर रहे हैं, कई संस्थाई कम सल्लेरी के टीचर्स को रख कर एजुकेशन सिस्टम को बर्बाद कर रही हैं और अपना भला कर रही हैं , और ये अगर आप अपने आस पास के किसी भी संस्था में जाके देखोगे तो आपको नज़र आजायेगा, एजुकेशन सिस्टम आज के टाइम पे एक बहुत बड़ा बिज़नस बनता चला जा रहा हैं | और इसके शिकार हमारे लोग ही हैं ,और बिज़नस करने वाले भी हम में से एक हैं |
पर ये भी आज एक सवाल बनके खड़ा हो गया हैं की अब इसके लिए क्या करे, नही तो आने वाले टाइम पे और कितना तमाशा लगेगा इस सिस्टम का |
शिक्षा जीवन शेली बना देती हैं, क्या ये सही हैं अगर हैं तो क्या आपने शिक्षा सही तरीके से ली हैं ?
फिर एक सवाल हैं और जवाब हम सभी को मिलके देना हैं \\
धन्यवाद
आपका
अभिनव मालवीय
Labels:
" Our Education System "
Subscribe to:
Posts (Atom)
-
हे ख्वाब सा या हकीकत हैं तू..... जो भी हैं..... हमे तो हसीन लग रहा हैं.....! दिल से हैं gold .... तू हैं बड़ी अनमोल.... प्यारी सी आँ...
-
MORNING HABIT'S in one word i.e SAVERS S--> keep silent, pray, meditate, listen sounds around you (birds and all) A--> A...
-
+ कुछ नहीं हैं ... कुछ नहीं चल रहा .... यूँही बैठ लेता हूँ अकेला ....कभी कभी खुद के साथ .....!! बहुत से सवाल होते हैं खुद के पास.... ...
-
बहुत अजीब लगता होगा...जब कोई किसी से कहता हैं... के तुमने किया ही क्या हैं ....!! सारी जिमेदारी पूरी होने के बाद कहते हो.... के तुमने...
-
सफ़र था हैं और चलता रहेगा... पर मेरा साथ हमेशा रहेगा.....!! आयेगे कुछ दिन अच्छे और बुरे भी ... साथ हमारा सब सहता रहेगा...!! हैं दिल ...
-
था अधुरा सा जब तुम न थी..... हाँ हर पल सोचता था, तुम्हारे जैसा.... जब तुम न थी....!! एक कमी सी थी , एक जरुरत सी थी.... ज़िन्दगी के उन...
-
मित्रो आज के युग में हम रोज़ किसी न किसी ऐसी जगह पे होते हैं जहाँ पे हमे कुछ लोग साधारण से सामान बेचते या भीख मांगते नज़र आते हैं | जो लोग ...
-
मैंने जो किया उसका असर सब पर होगा..... और जो सबने किया उसका असर मुझपे होगा.... यही कर्मा हैं ......!!!
-
Alt + 0153..... ™... trademark symbol Alt + 0169.... ©.... copyright symbol Alt + 0174..... ®....registered trademark symbol Alt + 017...
-
Success is...... Share your experiences to other, who needs you. Listen your heart not your mind. Success is not to be earn money,inv...