" काम या भीख ? " एक सवाल


मित्रो आज के युग में हम रोज़ किसी न किसी ऐसी जगह पे होते हैं जहाँ पे हमे कुछ लोग साधारण से सामान बेचते या भीख मांगते नज़र आते हैं | जो लोग अपंग हैं और सामान बेचते हैं तो मेरे दोस्त भले ही आपको उस सामान की जरुरत नही हो फिर भी ले लिया करो ये सोचके के उस आदमी ने भीख मांगने से काम करना जरुरी समझा, ये एक बहुत अच्छी सोच हैं| दोस्तों ये इंसान घर पे बेठ सकता था या फिर किसी के आगे हाथ फेला सकता था पर इस इंसान ने ऐसा न करके काम करना स्वीकार किया,
दोस्तों ये सिर्फ एक कहानी नही एक सन्देश हैं उन लोगो के लिए जो हिम्मत हारने के बाद अपनी उमीदो को छोड़ दिया करते हैं,और दूसरी और हम देखते हैं के कई लोग ऐसे हैं जो दूसरो के आगे हाथ फेला देते हैं जो अक्सर हमे चौराहों पे देखने को मिलते हैं,दोस्तों में ये नही कहता की हमे इनकी मदद नही करनी चाहिए अगर आपको मदद ही करनी हैं तो इनको कुछ खिला दो,मगर इनको पैसे देके इनको काम से दूर,महनत से दूर न करो, में उन लोगो की यहाँ बात कर रहा हूँ जो शरीर से स्वस्थ होने के बावजूद ऐसा करते हैं| कृपया इस मेसेज को इतना शेयर करे, ताकि हर इंसान की सोच बदले और वो अन्धविश्वास की बजाये विश्वास से लोगो का जीवन सुधार सके|

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