ये पागलपन अपना ही हैं
ये दूरियों का अफ़सोस तू जाने या में,
ये ख़ुशी का एहसास के जब तुम मिलती हो
ये गम का वो आलम जब तुम दूर होकर कहती हो..
के तुम्हे ठण्ड लग रही हैं,
ये दिल का दिल से कनेक्शन
ये साँसों का साँसों में मिलना,
ये ही तो वो एहसास हैं शायद
जो दो लोगो को इस दुनिया में अलग बना देता हैं ,
ये ही हैं जो मैं हूँ
और ये ही हैं जो तुम हो,
और इसके आगे नही जाना
बस रुकना चाहता हूँ...और
इस पल को जीना चाहता हूँ |

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