जीवन को कैसे तराशे


दिल दहल जाता हैं जब भी देखता हूँ इस दौर के इंसानों को, के क्या होता जा रहा हैं आज के लोगो को क्यों ये नही समझ पा रहे हैं की ये नेचर जो हैं अगर इसको हमने बैलेंस में नही रखा तो आने वाली पीढ़ी को हम क्या देके जायेंगे| जिस तरीके से इंसान के अंदर जो भूख होती थी वो बदल रही हैं| पहले भूख थी परिवार में रहने की , माँ का प्यार पिताजी का भय और कुछ कर गुजरने की,बड़ो के प्यार में बिगड़ने की, दादा दादी के लाडले होने की, छोटे से खिलोने के साथ खेलने की,खेल भी अजीब से होते थे जो बुजुर्गो और परिवार से जुड़े होते थे जैसे घर घर खेलना कोई माँ तो कोई पापा बनते थे कुछ बच्चे बन जाया करते थे, डॉक्टर डॉक्टर खेलते थे ,छुपते और पकड़ते थे, हर चीस का अपना एक स्वाद होता था, सन्डे को सुबह से दिन की फ़िल्म का अपना ही मजा होता था,ऐसे दौर चला करते थे |


समय बदला लेकिन लोगो ने तो जीवन ही बदल डाला, क्यों आज सारी सुविधा होने पे भी कमी सी लगती हैं , क्यों आज ताज़ा सांस लेने के लिए लोग हिल-स्टेशन पे जाया करते हैं, जंगल ख़त्म हो रहे और जंगली जानवर पिंजरों में कैद हो रहे हैं और लोगो का आकर्षण का केंद्र बन के बिज़नस कर रहे हैं, शर्म सी आती हैं कुछ इस तरह से, के जो जंगली जानवर जंगलों के राजा हुआ करते थे आज वो कैद मैं रहकर सबका दिल बहलाया करते हैं, क्यों जिंदगी को कैद करने की एक अनोखी साजिश हमारे जहम में बेठ चुकी हैं , चाहे वो इंसान हो या जानवर | क्यों हम सबको अपने इशारो पे चलाने को बेबस हो गए हैं |

हमे पेड़ पौधे तो चाहिए लेकिन उनसे होने वाले कचरे के लिए पडोसी से लडाई कर लेनी हैं, और अंत में पेड़ को कटवा दिया जाता हैं, और अपनी गाड़ी खड़ी करने के लिए पेड़ की छाया देखते हैं, अरे सोचो, वो पेड़ आपको बिना किसी स्वार्थ के कितना कुछ देता रहता हैं, ऑक्सीजन , आपके और पशुओ के लिए छाया, पानी और भी बहुत कुछ ....
हम सबकुछ जानके भी बेठे रहते हैं और ग्लोबल वार्मिंग का रोना रोते रहते हैं जबकि जीमेदार हम खुद हैं...
बचा लो खुद को सवाल करो खुद से ...खुद से शुरुवात करो....क्योकि आप से ही नये युग की शुरुवात लिखी हैं..
किसी के लिए न बदले खुद के लिए करे...अच्छा लगेगा|

और अगर फिर भी समझ नहीं आये तो एक बार शांति से अपने और अपने आस पास के वातावरण को देखना और खुद से पूछना......
क्या इसी जीवन की कामना की थी हमने ?
क्या यही लाइफ हैं हमारी ?
क्या खुश हो इस ज़िन्दगी से ?
एक सवाल जरुर करो खुद से ?

देखो जरा क्या जवाब आता हैं |



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